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महाराष्ट्र की राजनीति में जबरदस्त भूचाल! मुम्बई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हर महीने 100 करोड़ मांगने का लगाया आरोप

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कभी बीजेपी की भोपाल से वर्तमान सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को जेल में बंदी के दौरान कथित रूप से भयानक शारीरिक यातनाएं देने के मामले में विवादित रहे और मुम्बई के 16 मार्च 2021 तक कमिश्नर रहे परमवीर सिंह की एक चिट्ठी ने महाराष्ट्र की राजनीति में बवंडर ला दिया है। परमवीर ने ये चिट्ठी महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को ईमेल के जरिये भेजी।चिट्ठी में मुम्बई पुलिस के पूर्व मुखिया ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वो मुम्बई के विवादित और करीब 16 सालों तक निलंबित रहे सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की कलेक्शन चाहते थे। ज्ञात रहे कि सचिन वाजे को देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अम्बानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक सामग्री से लदी स्कॉर्पियो खड़ी करने के मामले में दोबारा निलंबित और गिरफ्तार किया जा चुका है।

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*परमवीर सिंह ने गृहमंत्री को बताया सबसे बड़ा भृष्टाचारी!*
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मुम्बई से प्राप्त समाचार के मुताबिक मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर बड़ा आरोप लगाया है। इसके लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व कमिश्नर ने अनिल देशमुख पर हर महीने 100 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया है। बता दें कि हाल ही में परमबीर सिंह को मुंबई के पुलिस कमिश्नर पद से हटाया गया था। परमबीर सिंह ने चिट्ठी में लिखा कि सचिन वाजे ने मुझे बताया था कि अनिल देशमुख ने उससे हर महीने 100 करोड़ रुपये मांगे हैं।परमबीर का आरोप है कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को कई बार घर पर मिलने के लिए बुलाया था। गृह मंत्री ने वाजे को फंड का जुगाड़ करने के लिए भी कहा था। इतना ही नहीं वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का भी टारगेट दिया था।

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*मामले में सीएम कार्यालय की ओर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन परमवीर ने कहा चिट्ठी की हार्ड कॉपी सीएम को भेजूँगा!*
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हालांकि, इस मामले में अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इतना ही नहीं, चिट्ठी पर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के दस्तखत भी नहीं हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि जिस ईमेल से ये पत्र भेजा गया है वो परमवीर सिंह का ऑफिशियल मेल आईडी नही है।वंही दूसरी तरफ मिल रही खबरों के मुताबिक  पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर ने ईमेल की पुष्टि करते हुए कहा कि सीएम को पत्र की हार्ड कॉपी भी भेजी जाएगी!
जैसे ही यह मामला सामने आया वैसे ही भाजपा ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख से इस्तीफे की मांग भी कर दी है।

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*अनिल देशमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए:किरीट सोमैया*
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भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त का कहना है कि असल में जबरन वसूली करने वाला और कोई नहीं बल्कि महाराष्ट्र का गृह मंत्री अनिल देशमुख हैं, जो सचिन वाजे से कई बार मिलते थे। देशमुख मुंबई के क्लब और पब आदि से पैसे की उगाही करा रहे थे। भाजपा की मांग है कि अनिल देशमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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*मुंबई पुलिस महकमे में ऐसे आया भूचाल*
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उल्लेखनीय है कि 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर एक लावारिस वाहन से जिलेटिन की 20 छड़ें बरामद की गई थीं। इसके बाद से ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। इस गाड़ी की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस का बम निरोधक दस्ता एंटीलिया के बाहर पहुंच गया था। पूछताछ के दौरान स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन ने बताया था कि यह कार 17 फरवरी को उनके यहां से चोरी हो गई थी। यह मामला तब और उलझ गया, जब 5 मार्च को मनसुख हिरेन का शव मिला। बताया गया कि हिरेन आत्महत्या कर ली, जबकि हिरेन की पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया। तभी से यह मामला और गहराता जा रहा है। पहले मनसुख हिरेन की हत्या, फिर असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे की गिरफ्तारी और फिर पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का तबादला डीजी होमगार्ड में कर दिया जाना। इस पूरे घटनाक्रम ने अपने पीछे कई सवाल छोड़े हैं, जिनके जवाब जांच में सामने आने बाकी हैं।

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*सांसद सुसाइड केस में भी दबाव डालने का लगाया आरोप*
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एक के बाद एक धमाके करते हुए परमबीर सिंह ने चिट्ठी में दादरा नगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर के सुसाइड केस में भी दबाव डालने का आरोप लगाया है। परमबीर सिंह के आरोपों के मुताबिक, गृहमंत्री अनिल देशमुख पहले दिन से ही चाह रहे थे कि खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज हो। परमबीर सिंह के मुताबिक, जबकि मेरी राय थी कि यदि किसी तरह से खुदकुशी के लिए उकसाया भी गया है तो भी ये मामला मुंबई की बजाय दादरा नगर हवेली में दर्ज होना चाहिए।

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*परमवीर सिंह के आरोपों से कटघरे में खड़े हुए महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने आरोपों को नकारा*
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पूर्व पुलिस कमिश्नर के लगाए गए आरोप पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ट्वीट कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मुकेश अंबानी मामले में जांच परमवीर सिंह तक पहुंचने की संभावना है। इस वजह से परमबीर सिंह ने इस तरह का आरोप लगाया है जो कि सरासर गलत है।

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*देशमुख ने सफाई देते हुए परमवीर के सामने रखे ये सवाल*
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महाराष्ट्र की राजनीति में टाइम बॉम्ब की तरह प्रकट हुई परमवीर की चिट्ठी में लगाये गए आरोपों पर सफाई देते हुए गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि परमबीर सिंह के द्वारा मेरे ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं और यह खुद को बचाने के लिए और मुझे महाविकास गठबंधन सरकार को बदनाम करने के लिए रची गई साजिश रच रहे हैं।

अनिल देशमुख ने कहा कि मैं निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा और आप देखेंगे कि परमबीर सिंह झूठ कैसे बोल रहे हैं।

*(1)* सचिन वेज की गिरफ्तारी के बाद इतने दिनों तक चुप क्यों बैठे थे परमबीर सिंह? उसने उसी समय अपना मुंह क्यों नहीं खोला?

*(2)* यह महसूस करने के बाद कि आपको कल 17 मार्च को पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया जाएगा, 16 मार्च को परमबीर सिंह ने एसीपी  को फोन किया। पाटिल से व्हाट्सएप चैट से कुछ सवाल पूछे गए और उन्हें अपेक्षित जवाब मिले।

*(3)* यह परमबीर सिंह की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। इस चैट के माध्यम से, श्री. परमबीर सिंह व्यवस्थित रूप से सबूत इकट्ठा करना चाहते थे। इस चैट से उत्तर प्राप्त करते समय आप देख सकते हैं कि परमवीर सिंह कितने अधीर थे। परमबीर सिंह को बार-बार एसीपी पाटिल ने पूछा है. इसका क्या मतलब है?

*(4)* 18 मार्च को मैने लोकमत कार्यक्रम के दौरान बताया था कि कुछ गंभीर आरोपों के कारण परमबीर सिंह को पद से हटा दिया गया था.इसके बाद परमबीर सिंह ने खुद को बचाने के लिए 19 मार्च को फिर से व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के साक्ष्य बनाने की कोशिश की!

*(5)* पुलिस विभाग में हर कोई जानता है कि सचिन वेज़ और एसीपी संजय पाटिल परम बीर सिंह के बहुत करीब हैं. 16 साल के लिए निलंबित वाज़े को बहाल करने का निर्णय परमवीर सिंह ने अपने हाथों में लिया।

*(6)* परमबीर सिंह के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं साबित करना. मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर रहा हूं।

*(7)* परमबीर सिंह ने खुद को बचाने के लिए ये झूठे आरोप लगाए हैं।

*(8)* अगर सचिन वज़े कहते हैं कि उन्होंने फरवरी में परमबीर सिंह से मुलाकात की और उन्हें यह सब बताया, तो उन्होंने इसे उसी समय क्यों नहीं कहा? इतने दिन चुप क्यों रहे?

*(9)* यह पता चलने के बाद कि हम विस्फोटक मामले में मुश्किल में पड़ सकते हैं, परमबीर सिंह ने इस तरह के झूठे आरोप लगाकर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश की है।

*(10)* यह विस्फोट मामले में जांच और मनसुख वीरेन की संदिग्ध मौत को रोकने के लिए परमबीर सिंह द्वारा रची गई साजिश है।

*(11)* मुख्यमंत्री को परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए.

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*पूर्व सीएम फडणवीस ने भी मांगा इस्तीफा*
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वहीं, इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने अनिल देशमुख का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा है कि मैं ऐसा मानता हूं कि इस मामले में अभी और भी तथ्य सामने आएंगे। फडणवीस ने आगे कहा कि अगर देशमुख इस्तीफा नहीं देते को उन्हें पद से हटाया जाए। व्हाट्सएप चैट में देशमुख के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। इस मामले में सीएम उद्धव ठाकरे को कार्रवाई करना चाहिए। केंद्रीय एजेंसी को इस मामले की जांच करनी चाहिए।

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*जांच के लिए एनआईए की जरूरत नहीं: संजय राउत*
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उधर, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि विस्फोटकों से लदी एसयूवी और मनसुख हिरेन की मौत के मामलों की जांच के लिए एनआईए की जरूरत नहीं है। एटीएस और मुंबई पुलिस उनकी जांच करने में सक्षम हैं।

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*विस्फोटक लदी कार मिलने के बाद की गई कार्यवाही!*
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पूर्व में  एनआईए ने मर्सिडीज कार को जब्त किया है, जिसे वाजे इस्तेमाल करते थे। कार से पांच लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में 13 मार्च को गिरफ्तार किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को शहर पुलिस की अपराध शाखा के सीआईयू से संबद्ध कर दिया गया था। शाखा का दफ्तर दक्षिण मुंबई में पुलिस आयुक्त कार्यालय के परिसर में स्थित है।
एनआईए के अनुसार वाजे के दफ्तर की तलाशी के दौरान वहां से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे लैपटॉप, आई-पैड और मोबाइल फोन बरामद किए थे।
तलाशी सोमवार शाम करीब आठ घण्टे चली थी।कार से पांच लाख रुपये नकद, नोट गिनने की एक मशीन, दो नंबर प्लेट और कुछ कपड़े बरामद किए गए थे। एनआईए ने अभी तक सहायक पुलिस आयुक्त सहित अपराध शाखा के कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। सहायक पुलिस निरीक्षक रियाजुद्दीन काजी से भी पूछताछ की जा चुकी है।
गौरतलब है कि अंबानी के मकान के पास कार्मिचेल रोड पर विस्फोटक लदी एसयूवी बरामद होने के दो दिन बाद 27 फरवरी को काजी ने ठाणे जिले के साकेत इलाके में रहने वाले वाजे की हाउसिंग सोसाइटी के सीसीटीवी की फुटेज ली थी। एनआईए के मुताबिक इस वीडियो (डीवीआर) का जिक्र बरामद सामान की सूची में नहीं था और जांच एजेंसी को संदेह था कि यह फुटेज साक्ष्य को नष्ट करने के लिए ली गई थी जिससे वाजे मामले में फंस सकते थे।

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*मामले में हुआ था बड़ा खुलासा*
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एंटीलिया मामले में जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ था। एनआईए को मिले सबूत के मुताबिक, सचिन वाजे ने अपनी सोसायटी का सीसीटीवी फुटेज डिलीट करवा दिया था, जिसे एनआईए ने फिर से हासिल कर लिया है। इससे पता चला कि स्कॉर्पियो कभी चोरी हुई ही नही थी। स्कॉर्पियो 18 से 24 फरवरी के बीच वाजे की सोसायटी में खड़ी देखी गई थी।

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*एनआईए के हाथ लगे सबूत से मिली यह जानकारी*
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उल्लेखनीय है कि कारोबारी मनसुख हिरेन ने अपने बयान में कहा था कि 17 फरवरी को मुलुंड-ऐरोली रोड से उनकी स्कॉर्पियो गायब हो गई थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट भी यह साबित करती है कि कार में कोई फोर्स एंट्री नहीं हुई थी। सूत्रों ने बताया कि वाजे एक नंबर प्लेट बनाने वाली दुकान पर भी गया, जहां वह स्कॉर्पियो के नंबर में झोल कराना चाहता था।

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*वाजे के दफ्तर से जब्त किए दस्तावेज*
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इस बीच, एनआईए ने एंटीलिया मामले में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे के दफ्तर से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन व कुछ दस्तावेज जब्त किए। शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक लदी एसयूवी बरामद होने और उसके मालिक मनसुख हिरेन के रहस्यमयी ढंग से लापता होने के मामले में एनआईए वाजे को गिरफ्तार कर चुकी है।

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*दूसरी बार निलंबित हुए वाजे*
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एंटीलिया मामले और मनसुख हिरेन की मौत को लेकर सचिन वाजे पर एनआईए की कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने सचिन वाजे को निलंबित कर दिया था। बता दें कि इससे पहले, बम विस्फोट के आरोपी ख्वाजा यूनुस की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मार्च, 2004 में वाजे को निलंबित किया गया था।

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*परमवीर और एसीपी एसपी पाटिल के बीच हुई चैट का विस्तृत ब्यौरा*
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परमबीर सिंह ने अपने इस पत्र में वसूली को लेकर एसपी पाटील नाम के एक पुलिस अधिकारी के साथ हुए उनके बातचीत का जिक्र भी किया है। परमबीर सिंह और एसपी पाटील के बीच 16 और 19 मार्च के बीच बातचीत हुई थी।

*परमबीर सिंह*- पाटील, गृह मंत्री और पलांडे ने कितने बार और रेस्टॉरेंट और कितने रुपयों का टारगेट देने को कहा है?

*परमबीर सिंह*- अर्जेंट प्लीज
*एसीपी पाटील*- 1,750 बार और रेस्टोरेंट्स। प्रत्येक से तीन लाख रुपये। टोटल कलेक्शन लगभग 50 करोड़ रुपये। पलांडे और मेरे साथ भुजबल थे, तब उन्होंने यह इच्छा जताई।
*परमबीर सिंह*- आप पलांडे से कब मिले?
*एसीपी पाटील*- 4 मार्च को मिला।
*परमबीर सिंह*- आप गृहमंत्री से कब मिले?
*एसीपी पाटील* – पलांडे से जब मिला उससे 4 दिन पहले। हुक्का पार्लर को लेकर बैठक हुई.
*परमबीर सिंह*- वाजे और गृहमंत्री के बीच मीटिंग कब हुई?
*एसीपी पाटील* – वाजे और गृहमंत्री के बीच कब भेंट हुई, वो अभी याद नहीं।
*परमबीर सिंह*- तुमने कहा था कि तुम्हारी मुलाकात से कुछ दिनों पहले ही यह भेंट हुई थी।
*एसीपी पाटील* – हां सर, शायद फरवरी के आखिर में।
*परमबीर सिंह*- पाटील, मुझे और भी कुछ जानकारियां चाहिए। गृहमंत्री से मिलने के बाद वाजे आपसे मिले थे क्या?
*एसीपी पाटील*– हां सर, वाजे मुझसे मिले थे।
*परमबीर सिंह*- गृहमंत्री ने उनसे क्या बात की यह वाजे ने आपको बताया क्या ?
*एसीपी पाटील*– गृहमंत्री ने 1750 बार-रेस्टॉरेंट में से प्रत्येक से 3 लाख रुपये यानी कुल 40-50 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया है, ऐसा वाजे ने कहा।
*परमबीर सिंह*- अच्छा, क्या गृह मंत्री ने आपसे भी यही कहा था।
*एसीपी पाटील*- 4 मार्च को उनके पीए संजीव पलांडे ने मुझसे ये कहा था।

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*बडा सवाल! ये चौकड़ी आखिर क्या गुल खिला रही थी? क्या मुकेश अम्बानी से वसूली करने का था प्लान?*
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महाराष्ट्र में उठे इस बवंडर के अभी शांत होने के आसार तो दिख नही रहे हैं वंही एक बड़ा सवाल ये भी खड़ा हो गया है कि पूर्व कमिश्नर परमवीर ने 16 वर्षों से निलंबित चल रहे व प्राइवेट वसूली और डिटेक्टिव एजेंसी चला रहे सचिन वाजे को इतने लंबे समय बाद क्यूँ बहाल किया? दूसरा सवाल ये कि बेहद जूनियर पुलिस अफसर वाजे की परमवीर और गृहमंत्री अनिल देशमुख से बेहद नजदीकी के पीछे की वजहें क्या हैं? इसके अलावा इस चौकड़ी का चौथा सदस्य एसीपी पाटिल और वाजे क्या गृहमंत्री अनिल देशमुख, पलांडे,भुजबल के साथ मिलकर मुम्बई शहर से तगड़ी वसूली का प्लान बना चुके थे? वाजे क्या गृहमंत्री अनिल देशमुख को देने के लिए मुकेश अम्बानी से कोई बडी रकम ऐंठना चाहता था?

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*अनिल देशमुख का जाना तय!एनआईए की जांच का दायरा बढ़ा तो उद्धव सरकार पर भी आ सकती है आंच!*
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मुम्बई से मिडनाईट एक्सप्रेस को अति विश्वस्त सूत्रों से जो खबरें मिल रही हैं उसके मुताबिक इस मामले में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख की विदाई तो तय मानी जा रही है वंही अगर एनआईए की जांच रफ्तार पकड़ती है तो उद्धव सरकार के सामने भी संकट खड़ा हो सकता है!

*(मुम्बई से विशेष सम्वाद सूत्र के साथ नई दिल्ली से आचार्य संदीपन की खास रिपोर्ट*

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