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श्रीलंका में मुस्लिम महिलाएं नहीं पहन पाएंगी बुर्का, मदरसों पर भी लगेगी पाबंदी!फ्रांस, बेल्जियम और ऑस्ट्रिया के बाद अब स्विट्जरलैंड में भी सार्वजनिक जगहों पर मुस्लिम महिलाओं के हिजाब और बुर्के से चेहरा ढंकने पर पाबंदी!

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श्रीलंका में मुस्लिम महिलाएं बुर्का नहीं पहन सकेंगी और हजारों इस्लामिक स्कूलों पर भी पाबंदी लगाई जाएगी। श्रीलंका सरकार के एक मंत्री ने शनिवार को यह घोषणा की। पड़ोसी देश के इस ताजा फैसले से यहां की अल्पसंख्यक मुस्लिम आबादी प्रभावित होगी। जन सुरक्षा मंत्री सरथ वीरासेकरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर उन्होंने मुस्लिम महिलाओं द्वारा चेहरा ढंकने पर रोक के लिए कैबिनेट से मंजूरी मांगी है।

मंत्री ने कहा, ”पहले यहां मुस्लिम महिलाएं और लड़कियों बुर्का नहीं पहनती थीं। यह धार्मिक कट्टरवाद की निशानी है जो हाल ही में आई है। हम निश्चित तौर पर इसे बैन करने जा रहे हैं।” बौद्ध बहुसंख्यक देश में चर्च और होटलों पर हमले के बाद 2019 में बुर्का पहनने पर अस्थायी रूप से पाबंदी लगा दी गई थी। इस हमले में 250 से अधिक लोग मारे गए थे।

इसके अगले साल राष्ट्रपति बने गोटबाया राजपक्षे ने कट्टरवाद को कुचलने का वादा किया था। रक्षा सचिव के तौर पर उन्हें देश के उत्तरी भाग में विद्रोह को कुचलने के लिए जाना जाता है। राजपक्षे पर युद्ध के दौरान कई तरह के अधिकारों को कुचलने के आरोप भी लगे थे। हालांकि, उन्होंने इन्हें नाकारा था।

वीरासेकरा ने कहा कि सरकार एक हजार से अधिक मदरसा इस्लामिक स्कूलों पर भी पाबंदी लगाने की योजना बना रही है, जोकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”कोई भी स्कूल खोलकर आप जो चाहें बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं।”

श्रीलंका सरकार ने इससे पहले कोविड-19 से मरने वाले मुस्लिमों का भी दाह संस्कार अनिवार्य कर दिया था, जबकि इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार मृतकों को दफनाया जाता है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समूहों की ओर से निंदा के बाद इस बैन को हटा लिया गया था।

फ्रांस, बेल्जियम और ऑस्ट्रिया के बाद अब स्विट्जरलैंड ने भी सार्वजनिक जगहों पर मुस्लिम महिलाओं के हिजाब और बुर्के से चेहरा ढंकने पर पाबंदी लगा दी है। स्विट्जरलैंड में इसको लेकर जनमतसंग्रह कराया गया था, जिसमें 51 प्रतिशत वोटरों ने बुर्का प्रतिबंधित करने के पक्ष में वोट किया था।

इस प्रस्ताव के मंजूर होने के बाद रेस्त्रां, खेल के मैदानों, सार्वजनिक परिवहन साधनों या सड़कों पर चलते समय चेहरा ढंकने पर पाबंदी लग जाएगी। हालांकि, स्विट्जरलैंड की संसद और देश की संघीय सरकार का गठन करने वाली सात सदस्यीय कार्यकारी परिषद ने इस जनमत संग्रह प्रस्ताव का विरोध किया।

हालांकि, धार्मिक स्थलों पर जाते समय चेहरा ढंकने और स्वास्थ्य कारणों, जैसे कि कोविड-19 से बचाव के दौरान मास्क पहनने की छूट रहेगी।

सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने की छूट होनी चाहिए या नहीं, इस बात का फैसला करने के लिए जनमत संग्रह का सहारा लिया गया, जिसपर स्विट्जरलैंड की जनता ने 7 मार्च को वोट किया था।

बता दें कि इससे पहले फ्रांस ने साल 2011 में ही चेहरे को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनने पर बैन लगा दिया था। वहीं डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और बुल्गारिया में भी सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनने पर पाबंदी है

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