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हरिद्वार महाकुम्भ का महाशिव रात्रि पर आज पहला शाही स्नान , सुरक्षा के भारी बन्दोबस्त के साथ ही हेल्प लाइन नम्बर भी हुआ जारी

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कुम्भ मेला का हिन्दू धर्म में बेहद अहम स्थान है | वर्ष २०२१ में कुम्भ का आयोजन उत्तराखंड के हरिद्वार में किया जा रहा है | श्रद्धा और भक्ति के इस आयोजन में देश विदेश से करोड़ों भक्त आकर गंगा में डुबकी लगाते हैं | आज हरिद्वार में महाकुंभ का पहला शाही स्नान है और इसके लिए सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु संपूर्ण मेला क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 9 जोन और 25 सेक्टरों (1 जीआरपी तथा 1 यातायात के सेक्टर सहित) में बांटकर पुलिस बलों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है.सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोताही न हो, इसके लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है. इसके लिए प्रत्येक जोन में प्रभारी अधिकारी के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक और सेक्टरों में पुलिस उपाधीक्षक को नियुक्त किया गया है.

मेले के सुपर जोन का विवरण

1. प्रथम जोन: हर की पैड़ी.
2. द्वितीय जोन: गौरीशंकर. 3. तृतीय जोन: ऋषिकेश.

सामान्य जोन का विवरण:-

1. प्रथम जोन – हर की पैड़ी
सेक्टर: हर की पैड़ी, हरिद्वार, मंशा देवी (3)

2. द्वितीय जोन – गौरीशंकर
सेक्टर: नील धारा, गौरीशंकर (2)

3. तृतीय जोन – भूपतवाला
सेक्टर: भीमगोडा, भूपतवाला, रायवाला, सप्तसरोवर (4)

4. चतुर्थ जोन – पंतद्वीप
सेक्टर : पंतद्वीप, लालजी वाला, रोड़ी, बेलवाला (4)

5. पंचम जोन – कनखल
सेक्टर : कनखल, बैरागी, दक्ष द्वीप (3)

6. षष्ठम जोन – ज्वालापुर क्षेत्र
सेक्टर : ज्वालापुर, रानीपुर, मायापुर (3)

7. सप्तम जोन – ऋषिकेश
सेक्टर : ऋषिकेश, लक्ष्मण झूला, मुनि की रेती, नीलकंठ (4)

8. अष्ठम जोन – यातायात
सेक्टर : संपूर्ण मेला क्षेत्र हाई वे (1)

9. नवम जोन – जीआरपी
सैक्स्टर : जीआरपी (1)

आपातकालीन यातायात योजना

मुख्य यातायात व्यवस्था के अलावा 9 आपातकालीन यातायात योजनाएं भी बनाई गई हैं, जिन्हें परिस्थितियों के अनुसार अमल में लाया जाएगा. इसके अलावा किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति आने पर तात्कालिक रूप से सहायता पहुंचाने के लिए निर्धारित मार्गों से अलग 8 प्रशासनिक मार्गों का भी चयन किया गया है.

इसके अलावा संपूर्ण शाही स्नान जुलूस मार्ग के लिए अलग से पुलिस व्यवस्था बनाई गई है. संपूर्ण जुलूस मार्ग की पुलिस व्यवस्था को 1 सुपर जोन, 2 जोन और 4 सेक्टरों में में बांटा गया है.

प्रथम जोन: दक्ष मंदिर कनखल से वाल्मीकि चौक तक.
प्रथम सेक्टर: दक्ष मंदिर से शंकराचार्य चौक तक.
द्वितीय सेक्टर: शंकराचार्य चौक से वाल्मीकि चौक तक.

द्वितीय जोन: वाल्मीकि चौक से भूपतवाला बेरियर तक.
तृतीय सेक्टर: वलम चौक से मंशा देवी रज्जू मार्ग तक.
चतुर्थ सेक्टर: मंशा देवी रज्जू मार्ग से भूपतवाला बेरियर तक.

शाही स्नान हेतु की गई अन्य पुलिस व्यवस्था

लगभग 18 स्थानों पर रस्सा फोर्स लगाई गई है. साथ ही मेला क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की विध्वंसक वस्तु अथवा अवैध अस्त्र-शस्त्र न ला सके इसके लिए विभिन्न स्थानों में अभिसूचना इकाई की 28 अलग-अलग टीमें हैंड हेल्ड मैटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मैटल डिटेक्टर सहित दिन-रात चैकिंग-फ्रिस्किंग और अभिसूचना संकलन का कार्य करती रहेंगी.

21 जगहों पर अग्निशमन विभाग की टीमें अग्निशामक उपकरणों और वाहनों के साथ तैयारी की स्थिति में रहेंगी. जबकि मेले के दौरान संचार व्यवस्था चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए अखाड़ा, जीआरपी, पैरामिलिट्री एवं यातायात ग्रिड सहित कुल 11 ग्रिड संचालित रहेंगे.

यही नहीं रेडियो संचार व्यवस्था के अतिरिक्त संचार पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क को संभालने का कार्य भी किया जाएगा. मेला क्षेत्र में सतर्क दृष्टि बनाए रखने के लिए वर्तमान में मैपिंग किए गए 1150 निजी/ संस्थागत कैमरों के साथ-साथ 96 पुलिस कैमरों का प्रयोग भी किया जाएगा.

जेबकतरी रोकने के लिए 7 टीम

साथ ही मेला हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल पर तुरंत रिस्पांस के लिए लगातार पारियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है. 4 हेल्पलाइन नंबर (01334-222012, 01334-222011, 01334-259300 और 9411112988) भी जारी किए गए हैं.

स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं के गंगा में पैर फिसल कर बहने और डूबकर मृत्यु होने की घटनाओं पर अंकुश लगाए जाने हेतु जल पुलिस, SDRF और आपदा राहत दल की सम्मिलित ड्यूटी सभी आवश्यक उपकरणों और बोट सहित 18 संवेदनशील स्थानों पर लगाई गई है.

बम निरोधक दस्ता वर्तमान समय में आतंकवादी घटनाओं के दृष्टिगत बम निरोधक दस्ते की 7 टीमों की ड्यूटी मेला क्षेत्र में लगाई गई है. उक्त टीमें किसी भी बम को निष्क्रिय करने के आधुनिक उपकरणों से लैस रहेंगी. इसके अलावा जेबकतरा स्क्वाड सादे वस्त्रों में जेबकतरी और उठाईगिरी रोकने के लिए 7 टीमों को लगाया गया है.

दूसरी ओर, मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए घुड़सवार पुलिस की 2 शिफ्टों में 2-2 घोड़ों सहित 9 स्थानों पर तैनाती रहेगी.

खोया-पाया सेल

स्नान पर्व की भीड़ में अपने परिजनों से बिछुड़ कर गुम हो जाने वाले लोगों की खोजबीन के लिए 3 स्थानों (1. गंगा सभा प्रसारण केंद्र, 2. नगर नियंत्रण कक्ष, 3. रेलवे स्टेशन हरिद्वार) पर खोया-पाया केंद्रों की व्यवस्था की गई है.अर्धसैनिक बल/उत्तराखंड PAC

कुल48 कंपनी
CPMF29 कंपनी
UP PAC5 कंपनी
UK PAC14 कंपनी

सुरक्षा के लिए तैनात अन्य सुरक्षा बल

SDRF2 टीमें
NSG1 टीम (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स)
ATS2 टीम (आतंकवाद निरोधक दस्ता)
NDRF2 टीमें
BDS9 टीमें डॉग स्क्वायड सहित
CPU4 SI, 1 HC और 7 कॉन्स्टेबल
होमगार्ड्स1504
यातायात पुलिस15 HC, 50 कॉन्स्टेबल

महाशिवरात्रि के दिन गुरुवार प्रथम शाही स्नान पर्व पर लगने वाला अन्य समस्त पुलिस बल की भी तैनाती की है. नागरिक पुलिस बल (3 पुलिस अधीक्षक, 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 19 पुलिस उपाधीक्षक, 39 निरीक्षक, उपनिरीक्षक 278, महिला उपनिरीक्षक 66, हेड कांस्टेबल 199, कॉन्स्टेबल 1969 और महिला कॉन्स्टेबल 310) में तैयार किया गया है. ये सभी ड्यूटियां ब्रीफिंग के बाद शुरू हो गई हैं|

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